प्रेग्नेंट है कैसे पता करे ?

Pregnant h kaise pata kare ? इस सवाल का सटीक जवाब तो प्रेग्नन्सी टेस्ट के जरिए ही मिल सकता है । लेकिन इस से पहले आप को इसके बारे मे संदेह और भ्रम हो सकता है । इस पोस्ट के जरिए हम उन संदेह पैदा करने वाले गर्भावस्था के लक्षणों के बारे मे जानकारी हासिल करेंगे । हम जानेंगे की प्रेग्नेंट है कैसे पता करे ? इसके शुरुआती लक्षण क्या हो सकते है ।

"प्रेग्नेंट है कैसे पता करे" – कंटेन्ट सूची

प्रेग्नन्सी कैसे पता कर सकते है ? | Pregnant h kaise pata kare?

शरीर मे मौजूद कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) की मात्रा का परीक्षण कर प्रेग्नन्सी का पता लगाया जा सकता है । गर्भधारना होते ही हमारा शरीर उन पदार्थों और रसायनों को निर्माण करना शुरू कर देता है जिसकी जरूरत मानव भ्रूण के कोशिकाओ के विकास के लिए जरूरी होते है ।


इन्ही रसायनों और हार्मोन मे एचसीजी (hCG ) है जो बहुत ही जल्दी बनने लग जाता है । यह रसायन केवल गर्भवती महिलाओं में पाया जाता है और गर्भाधान के लगभग 10 दिनों के बाद गर्भाशय (गर्भ) में निषेचित अंडे के प्रत्यारोपण के बाद यह बनना शुरू हो जाता है। इसी रसायन को हम घरपर प्रेग्नन्सी किट के इस्तेमाल या खून का परीक्षण कर टेस्ट करते है और पता लगाते है के हम प्रेग्नेंट है या नहीं ।

प्रेग्नन्सी टेस्ट कब करनी चाहिए ? |

यदि आप प्रेग्नेंट होने के सारे शर्तों को पूरा करती है जैसे की , हाल ही मे आप ने अपने साथी के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया हो और आप गर्भधारण योग्य उम्र की हो तो, तो यह एक अच्छा विचार है कि आप एक परीक्षण करें और सुनिश्चित करें की आप प्रेग्नेंट हो या नहीं ।

यदि आप गर्भवती हैं, तो आपको प्रसव पूर्व देखभाल शुरू करने की आवश्यकता होगी। घरपर प्रेग्नन्सी टेस्ट इस पाज़िटिव आने के लिए कमकसे कम आप को १० दिन का इंतजार करना होगा । इससे जल्द टेस्ट करनेपर आप का रिजल्ट फाल्स नेगटिव या सकता है । इन स्थिति मे आप गर्भावस्था के आम लक्षणों पर ध्यान दे सकती है ।

गर्भावस्था के आम संकेत और लक्षण | common symptoms of pregnancy

कुछ आम धारणाओ और प्राचीन काल से चले या रहे अनुभवों के आधार पर हम प्रेग्नन्सी के लक्षणों को समझ सकते है । उन्मे से मुख्य लक्षण कुछ इस तरह है,

1 पीरीअड को मिस कर जाना

यदि आपने हाल ही के महीने मे अपने साथी के साथ शरारिक संबंध स्थापित किया है । और आप की उम्र गर्भधारण करने योग्य है और आप की माहवारी या पीरीअड को शुरू होने के अपेक्षित तारीख को एक सप्ताह या उस से ज्यादा गुजर चूका हो तो इसका कारण प्रेग्नन्सी हो सकती है । लेकिन किसी विशेष परिस्थिति मे यदि आप अनियमित मासिक धर्म के परेशानियों से गुजर रहे हो तो यह लक्षण भ्रामक हो सकता है ।

2 मूड मे बदलाव

प्रारंभिक गर्भावस्था में आपके शरीर में हार्मोन की बाढ़ आपको असामान्य रूप से भावुक बना सकती है और आप को रोना भी या सकता है । इसे मनोदशा मे बदलाव यानि मूड स्विंग होना भी कह सकते है । प्रेग्नन्सी मे मूड स्विंग आम बात है । इस दशा से उभरने के लिए आप अपने साथी की मदद ले । खुश रहे और अवसादी विचारों को अपने आस पास भटकने ना दे ।

3 कोमल, सूजे हुए स्तन

इसी तरह प्रेग्नेंट होनेपर आप फुले हुए स्तन महसूस कर सकती हो । गर्भावस्था की शुरुआत में हार्मोनल परिवर्तन आपके स्तनों को संवेदनशील और पीड़ादायक बना सकते हैं। कुछ हफ़्तों के बाद बेचैनी कम होने की संभावना है क्योंकि आपका शरीर हार्मोनल परिवर्तनों की आप के शरीर को आदत हो जाती है।

4 जी मिचलाना और उलटी

गर्भवती होने से १-२ महीने बाड़ आप को मॉर्निंग सिक्नेस जैसी परेशानी हो सकती है । यह दिन मे किसी भी वक्त हो सकती है । कुछ महिलाओ का शुरू मे जी मिचला सकता है । कुछ उलटी कर सकती है । इसके पीछे भी हार्मोन्स का बदलाव होता है । हालाकी कुछ महिलाओ मे यह लक्षण नहीं दिखाई देते । असीडीटी के कारण भी इस तरह का भ्रम हो सकता है ।

5 ज्यादा पेशाब आना

प्रेग्नेंट होने के बाड़ आप को ज्यादा बार पेशाब या सकती है । और आप इसे आसानी से महसूस कर सकते है । इसकी वजह गर्भावस्था के दौरान बढ़ी हुई रक्त की मात्रा होती है । बढ़े हुए रक्त की मात्रा की वजह से आप की किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को फ़िल्टर करती है और मूत्राशय मे ज्यादा पेशाब जमा होती है ।

6 थकान महसूस होना

प्रेग्नन्सी के शुरुआती लक्षणों मे सबसे ऊपर थकान का नंबर आता है । इस दौरान आप थके हुए महसूस करते है । गर्भावस्था के पहले ३ माह मे आप को ज्यादा थकान और नींद महसूस होती है । थकान हार्मोन्स के स्तर मे वृद्धि के कारण महसूस होती है जबकि नींद का निश्चित कारण कोई नहीं जानता ।

इसके अलावा आप को निम्न लिखित लक्षण भी दिखाई दे सकते है

  • प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन आपको फूला हुआ महसूस कर सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे आप मासिक धर्म की शुरुआत में महसूस कर सकती हैं।
  • कुछ महिलाओं को गर्भावस्था की शुरुआत में हल्के गर्भाशय में ऐंठन का अनुभव होता है।
  • हार्मोनल परिवर्तन के कारण आपका पाचन तंत्र धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज हो सकता है।
  • जब आप गर्भवती होती हैं, तो आप कुछ गंधों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं और स्वाद की आपकी भावना बदल सकती है। गर्भावस्था के अधिकांश अन्य लक्षणों की तरह, इन खाद्य वरीयताओं को हार्मोनल परिवर्तनों तक चाक-चौबंद किया जा सकता है।
  • प्रेग्नन्सी के दौरान रक्त उत्पादन बढ़ जाता है , इस वजह से आप के नाक की नाजुक नसों मे सूजन आ सकती है और खून भी बह सकता है ।

इनमें से कई लक्षण भ्रामक हो सकते है और उनकी वजह कुछ और हो सकती है । शायद आप किसी बीमारी मे मुब्तला हो । इसीतरह इनमेसे कई लक्षण दिखाई दिए बिना भी आप प्रेग्नेंट हो सकती हो । यह सभी लक्षण प्रेग्नन्सी मे दिखाई ही दे ऐसा जरूरी नहीं है । फिर भी आप प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा प्रेग्नन्सी का पता लगा सकते है ।

घर पर प्रेग्नन्सी किट द्वारा प्रेग्नन्सी का पता कैसे लगाए ? | pregnancy kit se test kaise kare

घर पर प्रेग्नन्सी टेस्ट करने के लिए उपकरण या किट आता है । यह किट आप के पेशाब मे मौजूद एचसीजी (hCG) का परीक्षण करता है । और उसले मौजूदगी मे किट पर पाज़िटिव की लकीर बनाता है । यह किट गर्भावस्था परीक्षण मे ९९% प्रभावी होते है । सही वक्त और तरीके से परीक्षण करने पर आप को सटीक नतीजे मिलेंगे।

यह किट अक्सर मेडिकल स्टोर मे उपलब्ध होते है । इसे खरीदने के लिए डॉक्टर के पर्चे की भी जरूरत नहीं पड़ती। अलग अलग ब्रांड के कई सारे किट बाजार मे मौजूद है । इन्हे इस्तेमाल करने से पहले दिशा निर्देश वाले पर्ची को ध्यान से पढ़ ले ।

जब आप घर पर ही गर्भावस्था परीक्षण करने जाती हैं, तो आप आमतौर पर तैयार रासायनिक पट्टी पर मूत्र/पेशाब की कुछ बूंदों को किट मे बताए गए जगह डाले । यह पट्टी विशेष रूप से एचसीजी का पता लगाने के लिए डिज़ाइन की गई होती है। इसके द्वारा गर्भधारण के लगभग 10 दिनों के बाद आपके मूत्र में एचसीजी का पता लगाया जा सकता है। हालांकि, आपके पीरियड मिस होने के बाद इसे लेने से फॉल्स-नेगेटिव होने की संभावना कम हो जाती है।

घर पर गर्भावस्था परीक्षण करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिनमें शामिल हैं:

  • जब भी संभव हो अपने पहले सुबह के मूत्र का प्रयोग करें। यह दिन का वह समय है जब आपका एचसीजी स्तर सबसे अधिक केंद्रित और आसानी से पता लगाया जाएगा। यदि आप इसे दिन के किसी अन्य समय पर करते हैं, तो कोशिश करें और सुनिश्चित करें कि आपका मूत्र आपके मूत्राशय में कम से कम चार घंटे से है।
  • गर्भावस्था परीक्षण करने से पहले अत्यधिक मात्रा में तरल पदार्थ नहीं पीना। बहुत से लोग सोचते हैं कि इससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाएगी, लेकिन यह आपके एचसीजी के स्तर को पतला भी कर सकता है।
  • परीक्षण शुरू करने से पहले परीक्षण के साथ आने वाले निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ना और प्रत्येक चरण का ठीक-ठीक पालन करना।

रक्त परीक्षण द्वारा प्रेग्नन्सी टेस्ट कैसे होती है ? | Pregnancy test using blood testing

एक अन्य प्रकार का गर्भावस्था परीक्षण जिसका उपयोग किया जा सकता है वह है रक्त परीक्षण। रक्त परीक्षण शायद ही कभी किए जाते हैं क्योंकि वे महंगे होते हैं और मूत्र परीक्षण के समान परिणाम देते हैं। इस प्रकार का गर्भावस्था परीक्षण रक्त के एक छोटे से नमूने का उपयोग करके किया जाता है जिसका विश्लेषण अस्पताल या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के कार्यालय में किया जाता है। यह रक्त परीक्षण न केवल यह पता लगाता है कि आपके शरीर में गर्भावस्था हार्मोन है या नहीं, बल्कि यह भी निर्धारित कर सकता है कि हार्मोन कितना मौजूद है।

गर्भावस्था के लिए रक्त परीक्षण विशेष परिस्थितियों में किया जा सकता है, जैसे कि उन महिलाओं के लिए जिनका बांझपन का इलाज चल रहा है या जब स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को लगता है कि कोई समस्या हो सकती है।

ये रक्त परीक्षण मूत्र परीक्षण की तुलना में थोड़े अधिक संवेदनशील होते हैं क्योंकि वे एचसीजी के बहुत छोटे स्तर का पता लगा सकते हैं। इसका मतलब है कि वे गर्भावस्था में बहुत पहले ही अधिक सटीक उत्तर दे सकती हैं – गर्भाधान के नौ से 12 दिनों के भीतर। इस परीक्षण के लिए, आपके रक्त का नमूना लिया जाता है और विश्लेषण के लिए एक प्रयोगशाला में भेजा जाता है। परिणाम कुछ घंटों से लेकर एक दिन से अधिक तक कहीं भी लग सकते हैं।

जितना जल्द आप अपने प्रेग्नन्सी के बारे मे कन्फर्म हो जाएंगे उतने जल्दी आप अपने सेहत का खयाल रखना शुरू कर सकती है । शुरुआती चरण मे आप को विटामिन, हीमोग्लोबिन और फॉलिक ऐसिड की ठीक ठाक जरूरत पड़ने वाली होगी । तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से सलाह ले ।

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