जानिए जैतून का तेल गर्म होता है या ठंडा

या तो आप ने जैतून के तेल के बारे मे सुन होगा या फिर इसे इस्तेमाल कर रही होंगे । लेकिन क्या आप ने कभी सोच है के जैतून का तेल गर्म होता है या ठंडा? चलिए आज हम आज जैतून के तेल के तासीर और विशेष गुणधर्म के बारे मे जानकारी हासिल करेंगे ।

जैतून का तेल गर्म होता है या ठंडा

जैतून का तेल तासीर मे ठंडा होता है । इस वजह से इसे गर्मियों के दिनों मे मालिश के लिए इस्तेमाल मे लाया जा सकता है । हर एक उपयोगी तेल अपने तासीर के मुताबिक हमारे शरीर पर प्रभाव डालता है । तेल के तासीर एव गुण के बारे मे पूर्ण जानकारी होने के वजह से किस समस्या मे और किस मौसम मे इसका इस्तेमाल सही होगा यह तय किया जा सकता है ।

ठंडे तासीर के चीजों का सेवन एव इस्तेमाल अक्सर सामान्य तापमान से ज्यादा गर्मी होने पर किया जाता है । चीजों के ऊष्मा रोधी गुणधर्मों के वजह से हम ऊष्मा एव गर्मी के नुकसान और प्रभाव को हम कम कर सकते है । जैसे की हम सभी लोग जानते है के पानी का गुणधर्म और तासीर ठंडी होती है इसलिए हम इसे तापमान कम करने और गर्मी के अहसास को कम करने के लिए इस्तेमाल करते है ।

इसी तरह , कई औषधि और उनके उत्पाद जैसे तेल भी अपनी एक तासीर रखते है । जैसे की प्याज और मेथी का तेल तासीर मे गरम होता है तो जैतून का तेल ठंडा । गरम तासीर वाले तेल का इस्तेमाल बहुत ही सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए । गरम तासीर वाले तेल ज्यादा इस्तेमाल करने से हमारे शरीर को नुकसान पहुचा सकते है । यह खास कर के हमारे त्वचा के लिए नुकसान देय हो सकते है । हालाकी, विशेष परिस्थितियो मे इनका इस्तेमाल सुझाया जाता है ।

जैतून के तेल के बारे मे कुछ फैक्ट्स


  • जैतून के पेड़ औसतन ३००-६०० वर्ष और अधिकतम २००० वर्ष तक जीवित रह सकते है ।
  • दुनिया मे स्पेन सबसे ज्यादा जैतून के तेल का उत्पादन करता है ।
  • ग्रीस के लोग सबसे अधिक जैतून के तेल का इस्तेमाल करते है ।
  • टेक्नीकली बात करे तो जैतून का तेल एक जूस है ।
  • जैतून साल मे सिर्फ एकबार , अक्टूबर के माह मे निकाले जाते है ।
  • जैतून के हर पेड़ से एक साल मे औसतन ४ लीटर तेल निकलता है ।
  • जैतून का तेल स्वास्थ्य और सौन्दर्य प्रॉडक्ट्स मे इस्तेमाल होता है ।
  • इस तेल मे अन्य तेल के मुकाबले कम फैट होते है , इसवजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद है ।

विशेषज्ञों की माने तो जैतून का तेल अन्य खाद्य तेलों के मुकाबले सर्वाधिक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य तेल है। जैतून के तेल के इस्तेमाल करने से हृदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियों से रक्षा हो सकती है। अगर कोई इस तेल को नियमित तौर पर इस्तेमाल करता है तो इन दोनों बीमारियों के अलावा कई और बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलती है।

इसके अंदर पर्याप्त मात्रा मे फैटी एसिड मौजूद होता है । फैटी ऐसिड हृदय रोग के खतरों को कम करता है। मधुमेह रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक है। शरीर में शुगर की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में इसकी खास भूमिका होती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक भूमध्य सागरीय देशों में हृदय रोगियों और मधुमेह रोगियों की कम तादाद होने की प्रमुख वजह यह है कि जैतून का तेल वहाँ नियमित खाद्य तेल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। अन्य देशों की तुलना में इन देशों के लोगों की औसत उम्र भी अधिक होती है।

मैक्सहार्ट एंड वास्क्यूलर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ ने कहा कि बाजार में कोई भी ऐसा तेल नहीं है जो हृदय के लिए सौ फीसदी उपयुक्त हो, लेकिन इनमें जैतून का तेल सबसे अच्छा है।

जैतून के तेल से बने प्रोडक्टस

जैतून के तेल का इस्तेमाल खाने पीने के चीजों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले चीजों को बनाने मे होता है । यह छीजे एव प्रोडक्टस इसके गुणधर्मों और इस्तेमाल के तरीकों पे निर्भर करता है । नीचे कुछ प्रोडक्टस की सलई दी हुई है जिनमे इस तेल का इस्तेमाल किया जाता है ,
1. सौन्दर्य प्रसाधन : जैसे की आई क्रीम , बॉडी स्क्रब , मेकेअप रिमूवर , लीप मास्क और हेर कन्डिशनर इत्यादि मे जैतून का तेल इस्तेमाल किया जाता है । और अगर यह प्रोडक्ट स्पेन से है तो यकीनन इसके सामग्री मे आप को जैतून का नाम लिखा मिलेगा ।
२. ट्रडिशनल लैम्प या दीयों मे : जलाने के लिए ईंधन के तौर पर जैतून का तेल इस्तेमाल किया जाता है ।
३. दवाइयों मे : पेट का इन्फेक्शन , नसों की बीमारी , ब्लड प्रेशर इत्यादि बीमारिओ के दवाओ मे जैतून के तेल मे मौजूद घटक का इस्तेमाल होता है ।
४. मालिश के तेल मे : जख्म , फुंसी फोड़े और मालिश के तेल मे जैतून का तेल एक मुख्य घटक हो सकता है । जैतून के तेल के ठंडे तासीर के वजह से गर्मियों मे ऊष्माघात से राहत पाने मे इसका इस्तेमाल मालिश के लिए किया जा सकता है ।

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