मस्तिष्क ज्वर क्यों फैलता है — और भारत में यह बीमारी अचानक जानलेवा क्यों बन जाती है?

भारत में हर साल कुछ बीमारियाँ अचानक चर्चा में आती हैं — गांवों में, कस्बों में, कभी-कभी पूरे ज़िलों में।

मस्तिष्क ज्वर (एन्सेफलाइटिस) उन्हीं में से एक है।

अक्सर यह बीमारी तब सुर्ख़ियों में आती है,
जब किसी इलाके में एक के बाद एक बच्चों की मौत होने लगती है —
और लोग समझ ही नहीं पाते कि आखिर हुआ क्या।

मस्तिष्क ज्वर क्या होता है?

मस्तिष्क ज्वर, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एन्सेफलाइटिस कहा जाता है,
एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क में सूजन आ जाती है।

यह सूजन मामूली बुखार से शुरू होकर
दौरे, बेहोशी और कभी-कभी मौत तक पहुंच सकती है।

शुरुआत में इसके लक्षण अक्सर साधारण बुखार जैसे लगते हैं —
और यही सबसे बड़ा खतरा है।

भारत में यह बीमारी इतनी खतरनाक क्यों साबित हुई?

पिछले वर्षों में भारत के कई हिस्सों में
मस्तिष्क ज्वर ने गंभीर रूप लिया है।

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में
    कुछ वर्षों पहले लगातार बच्चों की मौतों की खबरें आईं
  • बारिश और बाढ़ के बाद
    मामलों में अचानक तेज़ उछाल देखा गया
  • कई बार इलाज तब शुरू हुआ,
    जब बीमारी बहुत आगे बढ़ चुकी थी

इन घटनाओं से एक बात साफ हुई:

मस्तिष्क ज्वर अकेले वायरस की वजह से नहीं,
बल्कि देरी, जागरूकता की कमी और हालात की वजह से जानलेवा बनता है।

मस्तिष्क ज्वर किस कारण होता है?

मस्तिष्क ज्वर के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • वायरल संक्रमण
    (जैसे हर्पीस वायरस, जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस)
  • मच्छरों से फैलने वाले संक्रमण
    खासकर मानसून और बाढ़ के बाद
  • शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की गलती
    जब वह खुद मस्तिष्क पर हमला कर देती है
  • कुछ मामलों में
    खसरा, कण्ठमाला या रेबीज जैसे संक्रमण भी कारण बन सकते हैं

इसी वजह से हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

इसके लक्षण क्या होते हैं? (जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए)

शुरुआती लक्षण:

  • तेज़ बुखार
  • सिरदर्द
  • थकान
  • शरीर में दर्द

गंभीर लक्षण:

  • भ्रम या होश में कमी
  • दौरे पड़ना
  • बोलने या सुनने में दिक्कत
  • शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या लकवा

बच्चों में खास संकेत:

  • लगातार रोना
  • उल्टी
  • सुस्ती
  • सिर के मुलायम हिस्से में उभार

अगर बुखार के साथ दिमाग से जुड़े लक्षण दिखें,
तो इंतज़ार नहीं — तुरंत इलाज ज़रूरी है।

मस्तिष्क ज्वर से बचाव कैसे संभव है?

पूरी तरह बचाव हमेशा संभव नहीं,
लेकिन खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है:

  • समय पर टीकाकरण
  • मच्छरों से बचाव (खासतौर पर बरसात में)
  • साफ पानी और आसपास की सफाई
  • बुखार को “साधारण” मानकर न टालना

आख़िरी बात

मस्तिष्क ज्वर डराने वाली बीमारी ज़रूर है,
लेकिन सबसे खतरनाक तब बनती है
जब हम इसे समझने में देर कर देते हैं।

हर बुखार मस्तिष्क ज्वर नहीं होता,
लेकिन मस्तिष्क ज्वर अक्सर एक साधारण बुखार से शुरू होता है।

समय पर पहचान और इलाज
ज़िंदगी और मौत के बीच फ़र्क पैदा कर सकता है।

आपसे एक सवाल

क्या आपने कभी अपने आसपास
अचानक फैले ऐसे बुखार के मामले देखे हैं
जहाँ किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला?

आप चाहें तो अपना अनुभव साझा कर सकते हैं —
क्योंकि जागरूकता भी इलाज का एक हिस्सा है।

लेखक के बारे में ,
अस्पताल और स्वास्थ्य देखभाल उद्योग में काम करने के प्रदर्शन के इतिहास के साथ अनुभवी विशेषज्ञ। पब्लिक स्पीकिंग, मेडिकल रिव्यू, टीचिंग, हेल्थकेयर, मेडिकल राइटिंग और क्लिनिकल रिसर्च में कुशल।