पीरियड में अशोकारिष्ट के फायदे और जानकारी

महिलाओ का शरीर और सरचना पुरुष शरीर से अलग होती है । कुछ बातों मे महिलाये पुरुषों के तुलना मे स्पेशल होती है । इन्ही स्पैशलिटी के चलते लगभग सभी महिलाओ को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है । इन सब मे मासिक धर्म, और खून से जुड़ी परेशानियां सबसे ऊपर आती है । अक्सर महिलाओ को मासिक धर्म के दौरान रक्त स्त्राव के चलते कमजोरी आती है । इस कमजोरी को दूर करने के लिए आयुर्वेद, हर्बल यूनानी तथा आलोपेथिक दवाये आज कल आसानी से उपलब्ध है । आयुर्वेद मे इसके लिए बेहतरीन दवाए एव उपाय मौजूद है । इन दवाओ मे अशोकारिष्ट का नाम सबसे ऊपर आता है । अशोकारिष्ट एक ऐसा नायाब नुसका है जिस की मदद से महिलाये अपने कमजोरी को दूर कर सेहतमंद और ऊर्जावान बन सकती है । इस पोस्ट मे अशोकारिष्ट के इसी पहलू के बारे मे जानकारी साझा की हुई है ।

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अशोकारिष्ट सिरप क्या होता है ? | Ashokarishta Syrup Uses in Hindi?

अशोकारिष्ट (Ashokarishta) एक आयुर्वेद टॉनिक है जो महिलाओं के लिए मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़े परेशानियों मे फायदेमंद है। आयुर्वेद मे स्त्री स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मे इसका बेहत महत्व है । मार्केट मे आज कल बहुतसी कंपनियों के अशोकारिष्ट सिरप वाले प्रोडक्ट आसानी से उपलब्ध है । हर एक कंपनी इसे अपने हिसाब से फार्मूला बनाकर बेचती है । इनमे बैद्यनाथ, डाबर और पतंजलि ब्रांड के बनाए हुए सिरप लोगोंमे पसंद किए जाते है। कंपनी और ब्रांड कोई भी हो लेकिन इसमे मुख्य घटक समान होते है । यह दवाओ का मिश्रण सिरप के स्वरूप मे मेडिकल स्टोर मे उपलब्ध होता है। मेडिकल स्टोर और फ्लिपकार्ट पर 🍶 अशोकारिष्ट सिरप प्राइस (price) 100 से 230 रुपये तक उपलब्ध होता है । अगर चाहे तो आप इसके मुख्य घटक और उसके प्रमाण की जानकारी हासिल कर खुद भी बना सकते है । लेकिन इसकी एक एक जड़ी बूटी जमा करना थोड़ा मुश्किलों भरा काम है ।

अशोकारिष्ट सिरप मे मौजूद घटक शरीर मे मौजूद हार्मोन्स को संतुलित करते है । हार्मोन्स असंतुलन की वजह से महिलाओ को की परेशानियों का सामना करना पड़ता है , जैसे की मुहासे , फुंसी-फोड़ी , पेरियड्स मे पेट दर्द , अधिक रक्त स्त्राव , चिड़चिड़े पना और कमरदर्द । आयुर्वेदी औषधि होने के वजह से अशोकारिष्ट सिरप पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है । सही मात्रा मे इस्तेमाल करने पर अशोकारिष्ट सिरप कई शारीरिक समस्याओ से छुटकारा पाने मे मददगार है । इसमे अशोक, धातकी, मुस्ता, हरीतकी और अमलकी जैसे औषधीय पौधों के मिश्रण के गुण होते है। अशोकारिष्ट सिरप के सेवन करने से महिलाओं में पूरे महीने सक्रियता औय ऊर्जा महसूस होती है ।

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अशोकारिष्ट के फायदे | Ashokarishta Syrup Ke Fayde

अशोकारिष्ट सिरप महिलाओ के संबंधित परेशनिओ के इलाज मे फायदेमंद है । इसके शक्तिशाली गुणों से भरपूर हर्बल मिश्रण मासिक धर्म मे भारी रक्तस्त्राव, हार्मोनल असंतुलन, गर्भाशय पुटी, गर्भाशय पॉलीप्स और रजोनिवृत्ति ऑस्टियोपोरोसिस के इलाज में बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा यह पेट दर्द, कमरदर्द, पाचन की कमजोरी और भूख न लगने जैसे प्रॉब्लेम्स में भी उपयोगी है । यह पूरे स्वास्थ्य मे सुधार लाकर एक नई ऊर्जा प्रदान करता है और पिनेवाला अच्छा महसूस करता है । अधिक विस्तार मे बात करे तो इसके फायदे निम्नलिखित है ,

  1. अनियमित माहवारी की समस्या को नियंत्रित करने के लिए अशोकारिष्ट को अच्छी जड़ीबूटी माना जाता है। कुछ शोध के मुताबिक महिलाओ मे असामान्य हार्मोन स्तर की समस्या को सामान्य करता है। इस वजह से पीरियड में अशोकारिष्ट पीने से माहवारी का मासिकचक्र में सुधार होकर वह नियमित हो जाता है।
  2. कमर दर्द और पेट दर्द की समस्या में अशोकारिष्ट प्रभावी जड़ीबूटी साबित हुई है। मासिक धर्म के दौरान होनेवाले अत्याधिक रक्त स्त्राव और पेट दर्द के समस्या को यह हल करता है । रक्त स्त्राव काबू मे आने से महिलाओ मे हीमोग्लोबिन स्तर मे सुधार होता है ।
  3. इम्युनिटी मजबूत बनाता है जिस वजह से पिनेवाला विभिन्न प्रकार के रोग और संक्रमण से बचा रहता है । कुछ शोध मे यह पाया गया है की अशोकारिष्ट मे मौजूद जड़ी बूटियों के औषधीय गुणधर्म हमारे इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते है।
  4. गैस और पेट का दर्द दूर करता है । अशोकारिष्ट जड़ीबूटी का उपयोग पेट में गैस और दर्द की समस्या के लिए फायदेमंद होता है। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है और गैस संबंधित परेशानियों से नजात दिलाता है। अशोकारिष्ट को पेट दर्द मे का घरेलु उपचार की तरह बेहिचक इस्तेमाल कर सकते है ।
  5. अल्सर और उसके दर्द से राहत दिलाता है ।  अशोकारिष्ट टॉनिक अल्सर की समस्या से आराम दिलाने में मदद करता है। अशोकारिष्ट में मौजूद गुण उल्सर को ठीक करने में मदद करते है। लेकिन ध्यान रहे समस्या के अधिक होने पर आपको हमेशा विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है ।
  6. ऑस्टियोपोरोसिस मे राहत देता है।  हड्डीया कमजोर होने से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होने का खतरा रहता है। इस खतरे को दूर करने के लिए अशोक पेड़ की छाल बहुत उपयोगी होती है। अशोक पेड़ की छाल अशोकारिष्ट का मुख्य घटक है ।
  7. नई ऊर्जा महसूस कराता है । इसमे मौजूद पोषणतत्व और औषधि गुण पिनेवाले के शरीर तंत्र मे अमूलाग्र सुधार लाते है इस वजह से इसका सेवन करने वाला दिनभर नई ऊर्जा महसूस करता है ।

जरूरी नोट :
कोई भी दवा सेवन करने से पहले किसी चिकित्सक से विचार – विमर्श करना हमेशा फायदेमंद होता है । दवा के कोई साइड इफेक्ट दिखाई देते ही उसे रोक दे और डॉक्टर की सलाह ले ।

अशोकारिष्ट के घटक | Ashokarisht Ke Ghatak

अशोकारिष्ट टॉनिक में महत्वपूर्ण घटक – सारका इंडिका मुख्य रूप से अशोक के पेड़ की छाल में पाया जाता है जिसे काढ़े के रूप में निकाला जाता है। बाद में इसे जीरा, गुड़, आम के बीज आदि के साथ धातकी, मुस्ता, हरीतकी, आमलकी जैसी जड़ी-बूटियों के पाउडर के साथ मिश्रित किया जाता है। बाद में मिश्रण को किण्वित, उबाला और फ़िल्टर किया जाता है ।

  1. अशोक : यह एनाल्जेसिक और विरोधी भड़काऊ गुणों और त्वचा पर लाभकारी प्रभाव के लिए जाना जाता है।
  2. धातकी: हड्डी रोग, अल्सर, बुखार, दस्त और बवासीर जैसे रोग में धातकी लाभकारी है ।
  3. मुस्ता: इसमें भूख बढ़ाने वाले और सूजन रोधी (Anti-Inflammation) गुण होते हैं।
  4. हरीतकी और अमलकी: इन जड़ी बूटियों में कायाकल्प, एंटीऑक्सीडेंट और प्रतिरक्षा-मॉड्यूलेटर गुण होते हैं और सामान्य कमजोरी में फायदेमंद होते हैं

सेवन की मात्रा | Periods Me Ashokarisht

किसी भी ब्रांड के अशोकारिष्ट टॉनिक के १ से २ बड़े चम्मच (१५ से ३० मिली) बराबर मात्रा में पानी के साथ भोजन के बाद या चिकित्सक के निर्देशानुसार इसका सेवन करना चाहिए । महिलाओ ने अशोकारिष्ट सिरप का लाभ उठाने के लिए पीरियड में अशोकारिष्ट पीना चाहिए।


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