जैतून का तेल की जानकारी – इतिहास, फायदे और नुकसान

जैतून का तेल और इसका प्रसिद्ध ट्रेंड EVOO (एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल) को सबसे स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों में से एक के रूप में जाना जाता है। आलिव ऑइल एक भूमध्यसागरीय इलाके के लोगों का आहार है । इसका मुख्य इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है । इसके साथ साथ जैतून का तेल सौन्दर्य प्रसाधन उत्पाद, मालिश तेल और मेडिसीन बनाने मे किया जाता है ।

जैतून का तेल इस्‍तेमाल करने से त्‍वचा (स्किन) और बालों से संबंधित समस्‍याओं से छुटकारा मिलता है। इसमें विटामिंस, मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और फैटी एसिड भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसीतरह यह ऑयल फाइटोकेमिल्‍कस से भी युक्‍त होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। जैतून के तेल की कीमत कुछ ज्यादा नहीं होती ।

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जैतून का तेल क्या है और इसका इतिहास क्या है?

जैतून का तेल जैतून को दबाकर निकाला जाता है। 6000 साल पूर्व जाने पर भी हमें यह पता चलता है कि जैतून के तेल का इस्तेमाल किया जाता था । भूमध्यसागरीय प्रदेश यानी आज का ईरान, सीरिया और फ़िलिस्तीन यह मुख्य इलाका हैं जहाँ के जैतून के पेड़ प्रसिद्ध है।

ऐतिहासिक रूप से, जैतून का तेल धार्मिक समारोहों और चिकित्सा में उपयोग किया गया है, और यह कई संस्कृतियों के लिए भोजन में एक महत्वपूर्ण घटक बन गया है। करोड़ों लोगोके रोज मर्रा के जिंदगी मे आप को यह शामिल मिलेगा ।

खास तौर पर तीन तरह के जैतून के तेल इस्तेमाल किए जाते।

  • एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल : इसकी एसिडिटी लेवल 0.8% से ज्यादा नहीं हो सकती। जितनी कम असिडिटी लेवल होगी उतनी ज्यादा क्वालिटी होगी । जैतून के तेल के कुल खपत मे ६०% हिस्सा इसी प्रकार के तेल का होता है ।
  • वर्जिन जैतून तेल : यह तेल ऊपर के तेल से गुणवत्ता मे थोड़ा कम होता है । यह रिफाइन्ड नहीं होता लेकिन इसमे अच्छे गुण मौजूद होते है । इसकी असिडिटी लेवल ठीक थक होती है ।
  • रिफाइन्ड जैतून का तेल : इसे रसायन के इस्तेमाल से रिफाइन्ड कर के बनाया जाता है । यह बेस्वाद लगता है और इसमे वर्जिन ऑइल के मुकाबले नैसर्गिक गुणधर्म बेहद कम हो जाते है ।

इसके अलावा मार्केट मे पोमस ऑइल मिलता है । इस तरह के जैतून के तेल निकृष्ट बचे कूचे ऑलिव से बनाया जाता है । इसका गुणवत्ता से कुछ लेना देना नहीं होता । यह मार्केट मे सस्ते भी बहुत मिलते है लेकिन इसे खरीदने से हमे बचना चाहिए ।

जैतून का तेल कैसे बनाया जाता है?

जैतून के पेड़ों पर उगने वाले जैतून से जैतून का तेल बनाया जाता है,। इसका ज्यादातर उत्पादन भूमध्यसागरीय क्षेत्र में होता है । उत्पाद किए गए तेल को स्टेनलेस स्टील टैंकों में संग्रहीत किया जाता है जो ऑक्सीजन और धूप से सुरक्षित होते हैं। बोतलबंद होने पर उसे सूर्य के रौशनी से दूर अंधेरे मे रखा जाता है ।


आप अंतर्राष्ट्रीय जैतून परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, उच्च गर्मी या रसायनों का उपयोग किए बिना, पके जैतून से ठंडा-दबाए (cold pressed olive oil) जाने वाले (extra virgin olive oil) जैतून का तेल भी खरीद सकते हैं। इस तरह का आलिव ऑइल स्वाद और गुणवत्ता मे सबसे बेहतरीन होता है ।

यह कहा जाता है कि जैतून में रसायनों को संरक्षित करने के लिए फिनोल नामक घटक होता है जिसके वजह से यह तेल शक्तिशाली और स्वास्थ्य गुण कारी माना जाता है। दूसरी ओर रिफाइन्ड किया हुआ जैतून का तेल गर्मी या सॉल्वैंट्स के उपयोग से बनता है, जिसके परिणामस्वरूप एक बेस्वाद तेल होता है कि अन्य तेलों के साथ मिश्रित किया जा सकता है।

जैतून का तेल किस काम आता है

लोग खाना पकाने, सौंदर्य प्रसाधन, दवा, साबुन और पारंपरिक लैंप के लिए ईंधन के रूप में जैतून का तेल का उपयोग करते हैं। जैतून का तेल मूल रूप से भूमध्य सागर से आया था, लेकिन आज, यह दुनिया भर में लोकप्रिय है।

लोग जैतून को तेल या नमकीन पानी में संरक्षण करते हैं और लंबे समय तक खाते है । वे उन्हें पूरे या कटे हुए खाते हैं और पिज्जा और अन्य व्यंजनों में मिलाते हैं।

वे जैतून के तेल का उपयोग रोटी के लिए, पास्ता पर टपकाने के लिए, खाना पकाने में, या सलाद ड्रेसिंग के रूप में कर सकते हैं। कुछ लोग औषधीय उद्देश्यों के लिए चम्मच द्वारा इसका सेवन करते हैं।

जैतून का तेल के फायदे

  • जैतून के तेल तासीर मे ठंडा होता है । इसके इसी ठंडी तासीर होने की वजह से इसे गर्मियों में बदन, हाथ पैर वगैर पर मालिश के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • जैतून का तेल (Olive Oil)  सर मे लगाने से बहुत सुखदायक महसूस कराता है
  • यह तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटी – फंगल गुणों से लैस होता है।
  • इसके मॉइश्चराइजिंग गुण के वजह से खुजली को कम करने में मदद मिलती है।
  • सूखेपन से लड़ता है, रूसी और भूसी से छुटकारा दिलाता है और ब्‍लॉक स्‍कैल्‍प को खोल देता है।
  • जैतून का तेल मुख्य तौर पर खाने और लगाने में इस्तेमाल होता है। कोलेस्टेरॉल कम करता है। विभिन्न तरह के डाएट मे इसका इस्तेमाल किया जाता है ।

जैतून का तेल के नुकसान

  • त्वचा पर जैतून के तेल का ज्यादा इस्तेमाल मुँहासे की समस्या पैदा कर सकता है। अगर आपकी त्वचा तेलीय (oily skin) है, तो इसके चिपचिपेपन और तेलीय प्रकृति के कारण आपको पूरी तरह से जैतून का तेल इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
  • कम गुणवत्ता वाला, प्रोसेस किया हुआ और रिफाइन्ड तेल आप के पैसे तो खर्च कर देगा लेकिन फायदा नहीं होगा ।
  • ज्यादा मात्रा मे खाने से आप का वजन बढ़ सकता है।
  • उच्च गर्मी जैतून के तेल को ऑक्सीकरण कर सकती है, मुक्त कणों का निर्माण कर सकती है, इसलिए केवल 410 F फ़ारेनहाइट के तहत तापमान में खाना पकाने के दौरान इसका उपयोग करें।

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