आसमान से बरस रहे है वायरस और बैक्टीरिया



कनाडा, स्पेन और अमेरिका के वैज्ञानिकों के नए शोध के मुताबिक वायरस की आश्चर्यजनक संख्या पृथ्वी के वायुमंडल के चारों ओर फैल रही है - और वह इससे वापिस आकर गिर रहे है।

इस अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की सतह से मुक्त ट्रोपोस्फीयर में घुसने वाले वायरस को माप लिया है, जो पृथ्वी के मौसम प्रणालियों से परे वायुमंडल की परत है, लेकिन समतलमंडल के नीचे जहां जेट हवाई जहाज उड़ते हैं। इस तरह
व्हायरस को पृथ्वी की सतह पर वापस जमा होने से पहले हजारों किलोमीटर ले जाया जा सकता है।

द्वारा : नासा
इस तरह वायुमंडल में पहुचे वायरस और बैक्टीरिया धूल तूफान और वर्षा के माध्यम से पृथ्वी पर वापस आते हैं।
 

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिटिश कोलंबिया के विषाणु शोध करता कर्टिस सटल ने अपने शोधपत्र में कहा है के , "हर दिन, 800 मिलियन से अधिक वायरस ग्रहों की सीमा परत के ऊपर प्रति वर्ग मीटर जमा किए जाते हैं - यह कनाडा में प्रत्येक व्यक्ति के लिए 25 वायरस है।" 
 
सटल कहते हैं "20 साल पहले हमने दुनिया भर के बहुत अलग वातावरण में आनुवंशिक रूप से समान वायरस खोजना शुरू किया," ।  "वायुमंडल की यात्रा करने वाले लंबे समय तक जीवित रहने वाले वायरसों की यह मौजूदगी शायद बताती है कि क्यों - एक महाद्वीप के वायुमंडल से दुसरे महाद्वीप के वायुमंडल में प्रवेश करना इनके लिए आसन है ।"

मिट्टी-धूल और समुद्री बाष्प के छोटे कणों में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस
वायुमंडल में बहते हैं।स्पेन के सिएरा नेवादा पहाड़ों में प्लेटफार्म साइटों का उपयोग करके, शोधकर्ताओं को पता चला है के अरबों वायरस और लाखों बैक्टीरिया प्रति दिन प्रति वर्ग मीटर में जमा होते जा रहे है । वायरस के आसमान से बरस कर जमा होने का दर बैक्टीरिया के दर से नौ से 461 गुना अधिक है ।"बैक्टीरिया और वायरस आम तौर पर आसमान से बरसती बारिश और सहारन धूल  के माध्यम से पृथ्वी पर बापिस आकर जमा होते है ।

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